समाचार
सर्वोच्च न्यायालय के वकीलों के समूह ने वंदे मातरम गाकर सीएए दिवस को समर्थन दिया

बुधवार (8 जनवरी) को सर्वोच्च न्यायालय के वकीलों के एक समूह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के सताए गए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए नागरिकता की जल्द सुनवाई करता है उसके लिए अपना समर्थन दिखाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के बाहर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन पहले ही प्रशांत भूषण, कामिनी जायसवाल सहित सर्वोच्च न्यायालय के वकीलों के अन्य समूह द्वारा संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और लोगों को संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाई गई थी जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के वकीलों के समूह का यह कदम सामने आया है।

अधिनियम को पिछले साल दिसंबर में संसद द्वारा पारित किया गया था और 12 दिसंबर को राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त हुई। तीन पड़ोसी इस्लामी देशों के सताए हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए बने इस कानून का देशभर में विरोध हुआ है।

सीएए विरोध में हुई हिंसा ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था, जहाँ पुलिस को उपद्रव और आगजनी में लगे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा था।

उत्तर प्रदेश में, योगी सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति को दंगे के लिए उपयोग करने और नुकसान पहुँचाने वालों के प्रति सख्त रवैया अपनाया था। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दंगाइयों की संपत्ति जब्त कर ली है।