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कश्मीर पर ओआईसी को विभाजित करने के पाकिस्तान के प्रयास पर सऊदी अरब सख्त

सऊदी अरब ने इमरान खान सरकार द्वारा कश्मीर पर इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी) को विभाजित करने की धमकी देने के बाद पाकिस्तान को ऋण पर तेल की आपूर्ति रोक दी है।

एक गंभीर आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान ने 2018 में सऊदी अरब से 6.2 बिलियन डॉलर का ऋण लिया था। ऋण पैकेज में एक प्रावधान शामिल था, जिसके तहत सऊदी अरब ने आस्थगित भुगतान पर एक वर्ष में पाकिस्तान को 3.2 बिलियन डॉलर का तेल दिया।

पाकिस्तानी मीडिया ने शनिवार (8 अगस्त) को कहा, “इस्लामाबाद के लिए प्रावधान दो महीने पूर्व ही समाप्त हो गया था। रियाद द्वारा इसका नवीनीकरण नहीं किया गया।” इसकी बजाय इस्लामाबाद ने समय से पहले एक अरब डॉलर सऊदी ऋण को लौटा दिया, जो कि अवधि से चार महीने पहले ही था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के सूत्रों ने पेट्रोलियम विभाग के प्रवक्ता साजिद काजी के हवाले से कहा कि यह करार मई में समाप्त हो गया था।

हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक समाचार चैनल पर एक टॉक शो के दौरान धमकी दी थी कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले ओआईसी ने कश्मीर पर विदेश मंत्रियों की बैठक नहीं बुलाई तो प्रधानमंत्री इमरान खान इसे इस्लामिक देशों के बीच अपने सहयोगियों के साथ आयोजित करेंगे।

दुनिया के सबसे बड़े इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी ने भारतीय कश्मीर पर एक बैठक आयोजित करने के इस्लामाबाद के कई अनुरोधों को ठुकराया है। अगस्त 2019 के बाद से जब भारत ने जम्मू-कश्मीर राज्य की विशेष स्थिति को रद्द कर दिया और इसे सीधे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करके केंद्र सरकार के नियंत्रण में लाई, तब से इमरान खान सरकार पाकिस्तान के पक्ष में इस मुद्दे पर 57 सदस्यीय ओआईसी का समर्थन मांग रही है।