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“गोवा आने के तीन महीने बाद भी कश्मीर मेरे दिमाग में छाया हुआ है”- सत्यपाल मलिक

जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार (28 नवंबर) को कहा, “तीन हफ्ते हो गए हैं गोवा आए हुए लेकिन अब तक मेरे दिल-ओ-दिमाग में कश्मीर छाया हुआ है।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) के 50वें समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के निर्णय से पहले मुठभेड़ की वजह से हर हफ्ते बड़ी संख्या में लोग मारे जाते थे। इसके समाप्त होने के बाद वहाँ एक भी जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने 5 अगस्त से एक भी गोली नहीं चलाई।”

सत्यपाल मलिक ने फिल्मी अंदाज में कहा कि कश्मीर में डर का आलम यह था कि मुझे फिल्म पाकीजा की एक गजल की आखिरी लाइन हर रात याद आती थी। “आज हम अपनी दुआओं का असर देखेंगे, तीरे नजर देखेंगे…’। उन्होंने कहा, “अक्सर नौकरशाह उन्हें डराते थे कि विशेष दर्जे को हटाने पर कम से कम 1000 लोग मारे जा सकते हैं।”

सत्यपाल मलिक ने कहा, “कश्मीर में पहले काफी खतरा था। मैं वहाँ गया और 17 साल बाद पंचायत चुनाव करवाए। सभी पार्टियों ने बहिष्कार किया। आतंकवादियों ने धमकी दी थी कि वे सभी प्रत्याशियों को मार देंगे। आपको जानकर खुशी होगी कि उसमें 4000 लोगों को चुना गया था और कोई हताहत नहीं हुआ था। यह कश्मीर के इतिहास में अनोखी घटना थी।”