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बेलगाम नहीं, मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात से राउत को याद आया इतिहास

शिवसेना नेता संजय राउत ने बेलगाम के मुद्दे को लेकर कर्नाटक सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उप मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावडी को जान लेना चाहिए कि बेलगाम पर महाराष्ट्र का अधिकार है। उन्हें पहले इतिहास की समझ होनी चाहिए। उन्हें सारे तथ्यों की जानकारी जुटाने के बाद ही बोलना चाहिए।”

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था, “बेलगाम, करवार और निपाणी सहित कर्नाटक के कई हिस्सों में अधिकतर मराठी आबादी रहती है। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। कर्नाटक सरकार को बेलगाम का नाम परिवर्तित करके उसे अपनी दूसरी राजधानी नहीं घोषित करनी चाहिए। यह न्यायालय की अवमानना है।”

इस पर महाराष्ट्र सरकार के सहयोगी एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था, “सर्वोच्च न्यायालय ही अब हमारा आखिरी हथियार है। महाराष्ट्र को जीत के लिए अब सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करना चाहिए। हमें अब लड़ना होगा। इसके अतिरिक्त हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।”

पवार ने इतिहास पर जोर देते हुए कहा, “महाराष्ट्र के नेता सेनापति बापट इस मुद्दे पर 1960 में भूख हड़ताल पर बैठे थे। उस वक्त केंद्र सरकार ने महाजन आयोग का गठन किया था। राज्य के मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक भी आयोग के आदेश को मानने के लिए सहमत हुए थे। पर बाद में आयोग की रिपोर्ट महाराष्ट्र के खिलाफ थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने आयोग के निष्कर्षों को अस्वीकार कर दिया था।”

बता दें कि उद्धव ठाकरे के मराठी आबादी वाले क्षेत्रों को केंद्र शासित घोषण करने की मांग के बाद कर्नाटक सरकार ने पलटवार किया था। राज्य के उप मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावडी ने कहा था कि मुंबई को कर्नाटक में शामिल करना चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक उसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर देना चाहिए।