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कांग्रेस ने भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक तुर्की में खोला अपना कार्यालय, सैम प्रमुख

भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने तुर्की में अपना एक कार्यालय खोला है। यह वही राष्ट्र है, जिसने हाल ही में संपन्न संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत का विरोध किया था और पाकिस्तान का समर्थन।

अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की ओर से एक जारी बयान में कहा गया, “आईएनसी की इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस (आईओसी) ने राजनीति, संस्कृति, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तुर्की के साथ बेहतर द्विपक्षीय संबंध विकसित करने की योजना बनाई है।”

बयान में कहा गया, “आईओसी का इस्तांबुल स्थित कार्यालय मोहम्मद यूसुफ खान के नेतृत्व में होगा। तुर्की में आईओसी संगठन और संस्थान बनाने की योजना है। इस क्षमता में आप (खान) योग्य, सक्षम, प्रतिबद्ध लोगों के साथ काम करेंगे।”

लंबे समय से कांग्रेस पार्टी के सलाहकार सैम पित्रोदा आईओसी के प्रमुख हैं। उन्होंने आम चुनावों के दौरान 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों पर यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि क्या हुआ अगर 1984 में दंगा हुआ था तो।

कांग्रेस 10 अक्टूबर को भी विवादों में फँस गई थी, जब उसके एक प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन में विपक्षी पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन से मुलाकात की थी। जेरेमी भारत के आलोचक हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद ट्वीट किया था, “कांग्रेस पार्टी के ब्रिटिश प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात। हमने कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा की। अब हिंसा का ये चक्र खत्म होना चाहिए और शांति कायम होनी चाहिए।”

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के कश्मीर घाटी पर भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक रुख के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ की अपनी यात्रा स्थगित कर दी थी।