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प्रयागराज- माघ मेले में साधु-संत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने में सहायता करेंगे

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी माघ मेले में संतों एवं साधुओं ने घोषणा की है कि वे लगभग 1.5 करोड़ हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दिलाने में सहायता करेंगे।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा प्रयागराज में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में संतों ने कहा कि वे विभिन्न मंदिरों, मठों, आश्रमों और पीठों में काउंटर खोलेंगे और उनके अनुयायी इन काउंटरों की देखभाल करेंगे।

अखिल भारतीय संत समिति के सचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि क्योंकि अधिकांश युवा संत अच्छी तरह से शिक्षित हैं जिसके कारण वे हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता प्राप्त करने के लिए औपचारिकताएँ पूरी करने में सहायता करेंगे।

“युवा संत अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप के साथ बैठेंगे और शरणार्थियों को अपने आवेदन पत्र दाखिल करने में मदद करेंगे। लगभग नौ लाख मंदिर हैं और 1.75 लाख से अधिक संत हैं जो इस कार्य में भाग लेंगे।”, जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा।

वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि वीएचपी स्वयंसेवक समूह भी बनाएँगे और विभिन्न शहरों में हिंदू शरणार्थियों की पहचान करेंगे और उन्हें नागरिकता के लिए ज़रूरी औपचारिकताएँ पूरी करने में सहायता करेंगे।

संतों ने कहा कि यह अभियान देश में और विशेषकर उन राज्यों में दो महीने तक चलाया जाएगा, जिन्होंने सीएए को लागू करने से इनकार कर दिया है।

संतों एवं साधुओं ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को अपना पूरा समर्थन पहले ही दे दिया है।

सीएए के अलावा, संतों ने देश के हिंदुओं को एकजुट करने के लिए जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने का भी आह्वान किया।

(इस खबर को आईएएनएस की मदद से प्रकाशित किया गया है।)