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तालिबान सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएगा रूस पर स्पष्ट नहीं की वजह

रूस ने शुक्रवार (10 सितंबर) को कहा कि वह तालिबान सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग नहीं लेगा। क्रेमलिन स्थित रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है। हालाँकि, इससे पहले तक वह समारोह में जाने की हामी भर रहा था।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने अपनी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में जिन गिने-चुने देशों को बुलाया था, जिसमें रूस भी सम्मिलित था। समारोह में शामिल ना होने की वजह अब तक रूस की ओर से नहीं बताई गई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि तालिबान की सरकार में कई ऐसे आतंकियों के नाम हैं, जो अंतर-राष्ट्रीय समुदाए से वांछित हैं इसलिए उसने समारोह में हिस्सा लेने से मना कर दिया।

गुरुवार को ब्रिक्स के 13वें शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान के वर्तमान संकट को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था, “अमेरिकी और उसके सहयोगियों की वापसी ने वहाँ नया संकट पैदा कर दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा। अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए। वह आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत न बने।”

भारत दौर पर आए रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) निकोलाई पेत्रुशेव ने अजीत डोभाल से अफगानिस्तान में जारी हलचल को लेकर बुधवार को भेंट की थी। अजित डोभाल ने बताया था कि अफगानिस्तान को लेकर रूसी समकक्ष के साथ गंभीर चर्चा की गई।

यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति के बीच 24 अगस्त को फोन पर भी लंबी वार्ता हुई थी। उस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अफगानिस्तान के मामले पर चर्चा की थी।