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रूस भारत के साथ कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन के लिए साझेदारी करने के प्रयास में

रूस ने हाल ही में अपनी कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक 5 को घोषित किया था। अब वह भारत के साथ इसके उत्पादन के लिए साझेदारी करना चाहता है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि उनके देश ने कोविड -19 के खिलाफ दुनिया का पहला टीका बना लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि यह काफी प्रभावी ढंग से काम करता है और बीमारी के खिलाफ स्थिर प्रतिरोधकता बनाता है।

वैक्सीन को रूस के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के साथ मिलकर विकसित किया गया है।

आरडीआईएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरील दिमित्रीव ने गुरुवार (20 अगस्त) को कहा, “रूसी वैक्सीन के निर्माण के लिए भारत के साथ साझेदारी देश को इसकी मांग को पूरा करने में सक्षम बनाएगी।”

दिमित्रीव ने कहा, “वैक्सीन का उत्पादन एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है। वर्तमान में हम भारत के साथ साझेदारी की कोशिश में हैं। हम मानते हैं कि वे गमलेया वैक्सीन का उत्पादन करने में सक्षम हैं। यह कहना बेहद अहम है कि वैक्सीन उत्पादन की ऐसी साझेदारियाँ हमें मांग को पूरा करने में सक्षम बनाएँगी।”

उन्होंने कहा, “रूस और सऊदी अरब के अलावा यह टीका ब्राजील और भारत में नैदानिक ​​परीक्षणों के लिए जा सकता है। हम पाँच से ज्यादा देशों में वैक्सीन का उत्पादन करने की योजना बना रहे हैं। इसकी आपूर्ति के लिए एशिया, लैटिन अमेरिका, इटली और दुनिया के अन्य हिस्सों से भारी मांग है।”

यह गौर करना चाहिए कि रूसी टीका अभी तीसरे चरण के मानव नैदानिक ​​परीक्षणों से गुज़रना बाकी है। हालाँकि, आरडीआईएफ ने गुरुवार को बयान में कहा, “प्रतिरक्षा रोग और स्पुतनिक 5 वैक्सीन की सुरक्षा के परीक्षण अगले सप्ताह शुरू होंगे। इसमें 40,000 से अधिक लोग शामिल होंगे।”