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ग्रामीण सड़क निर्माण में एनडीए यूपीए-1 और यूपीए-2 से आगे, कार्य गति भी तेज़

भारतीय जनता पार्टी ने अपने 2019 के घोषणा पत्र में 2014 की ही तरह ग्रामीण सड़क निर्माण से इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के वादे किए हैं जिसके अंतर्गत भारत के हर एक गाँव को सड़क से जोड़ने की बात कही गई है, लाइव मिंट  ने रिपोर्ट किया।

2000 में शुरू की गई योजना के तहत एनडीए-2 ने 2014 से लेकर अब तक देश के ग्रामीण इलाकों में 2 लाख किलोमीटर तक की सड़कों का निर्माण किया है जिसका अर्थ है प्रतिदिन 109 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण। और यह आँकड़ा यूपीए के दोनों शासनकाल से अधिक है। यूपीए-1 के समय 89 किमी. और यूपीए-2 ने अपने समय में 102 किमी. प्रतिदिन की रफ्तार से ग्रामीण इलाकों में सड़कें बनवाई थी।

एनडीए-2 ने पिछले पाँच सालों में पूरे देश की ग्रामीण सड़कों को नया बनाने और पहले बनी हुई सड़कों को सुधारने में 80 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

मार्च 2016 में भारत के सिर्फ 55 प्रतिशत ग्रामीण इलाके सड़कों से जुड़े हुए थे, और जनवरी 2019 तक इस योजना और एनडीए-2 के शासनकाल में देश के 91 प्रतिशत ग्रामीण इलाके सड़कों से जोड़े जा चुके थे। एनजीओ, एकाउंटेबिलिटी इनिशिएटिव की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क निर्माण के कार्यों को पूरा करने के समय में भी बढ़ोतरी हुई है। जिस सड़क निर्माण की परियोजना को पूरा करने में दो लगते थे अब 2016-17 में वही परियोजनाएँ छह महीनों के समय काल में पूरी की गई हैं।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा पहले देश के सभी राज्यों को 100 प्रतिशत पूंजी ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए दी जाती थी। पर 2015-16 में इस योजना में बदलाव किए गए और इस इस योजना के अंतर्गत अब केंद्र सरकार ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 60 प्रतिशत ही पूंजी प्रदान करती है और 40 प्रतिशत राज्यों को देने पड़ते हैं।