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मोदी की जीत की आशंका का असर रुपये पर, भारतीय मुद्रा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

भारतीय मुद्रा एशिया की सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा से प्रगति कर अब एशिया की सब अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है। विशेष बात यह है कि भारतीय मुद्रा में यह बदलाव मात्र पाँच सप्ताहों में आया है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बार फिर चुनाव जीतने की आशंका बढ़ती हुई देखकर राष्ट्रीय मुद्रा में यह वृद्धि हुई है।

सिंगापुर में एक स्कोटिएबैंक स्कोटिएबैंक के मुद्रा रणनीतिकार ‘गाओ की’ ने बताया कि अगर नरेंद्र मोदी एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री बन जाते हैं तो भारतीय मुद्रा को बढ़ता हुआ देखा जाएगा। गाओ की का मान ना है कि जून के अंत तक मुद्रा का मूल्य बढ़ कर 67 हो सकता है।

हाल ही में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक गोल्ड सेक्स ने 2019 चुनावों में मोदी की जीत की संभावना को बढ़ते हुए देख कर भारत के लिए अपने विचारों को भी उन्नत किया है।

भारत में होने वाले चुनाव सात चरणों में होंगे जो कि लगभग दो महीनों में समाप्त होंगे ऐसे में निवेशक यह उम्मीद कर रहे हैं कि एक बार फिर मोदी प्रधानमंत्री बने जिस से भारत की आर्थिक स्थिति मज़बूत हो सके।

इस तरह 18 मार्च तक देश में विदेशी प्रवाह बढ़ कर 3.3 बिलियन डॉलर हो गया है। वहीं विदेशी निवेशकों द्वारा होल्डिंग्स भी इस महीने बढ़ कर 1.4 बिलियन डॉलर हो गई है। पाँच महीने में 15 मार्च को रुपया 69.10 पर जा कर बंद हुआ जो कि अगस्त 2018 से अब तक का सबसे बेहतर मूल्य रहा है।