समाचार
संघ करेगा भारतीय परंपराओं और आस्थाओं का संरक्षण, सबरीमाला पर नया प्रस्ताव पारित
नया संघ और नया हिन्दू

रविवार (10 मार्च) को ग्वालियर में समाप्त हुई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संघ ने सबरीमाला मंदिर में  महिलाओं के प्रवेश पर चल रहे विवाद में कहा कि कुछ गैर भारतीय शक्तियाँ हिंदू परंपराओं और आस्थाओं का अनादर करने के लिए योजनाबद्ध षड्यंत्र कर रहीं हैं, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया।

संघ के भैयाजी जोशी ने सभा के दौरान कहा कि कुछ लोग जो हिंदू नहीं हैं और भारतीय नहीं हैं वे लगातार ऐसे विषयों को उठाकर हिंदुओं की भावनाओं को अपमानित करने का कार्य कर रहें हैं। साथ ही देश के संविधान पर जोशी ने कहा कि देश सिर्फ संविधान पर नहीं चल सकता है, बल्कि मान्यताओं के आधार पर भी चलता है।

सबरीमाला विवाद पर जोशी ने कहा कि केरल की मार्क्सवादी सरकार ने अयप्पा के भक्तों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। उन्होंने आगे कहा कि सबरीमाला में नास्तिक महिला एक्टिविस्ट को मंदिर में प्रवेष करवा कर भक्तों की भावनाओं को आहत किया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय के सभी आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश देने के फैसले पर भी भैयाजी जोशी ने कहा कि यह फैसला सुनाकर न्यायालय ने सदियों से चली आ रही परंपरा को अनदेखा किया है।

जोशी ने मीडिया को बताया कि सभा के दौरान रविवार (10 मार्च) को एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसके तहत राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ हिंदुओं की आस्था और परंपराओं का संरक्षण करेगा। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संघ के कार्यों में फैसले लेने वाली सबसे बड़ी इकाई है।

सभा में अमित शाह भी थे शामिल 

इस सभा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी सभा को अपनी पार्टी की उपलब्धियों के बारे में अवगत करवाया और साथ ही आगामी चुनावों में संघ का समर्थन मांगा।

सभा के दौरान भैयाजी जोशी ने यह भी कहा कि संघ इस बार लोगों को चुनावों के लिए जागरूक करेगा और इसके लिए संघ के नेता 10 से 15 की टीम बनाकर अपने अपने गाँवों में शिक्षा और स्वच्छता का प्रचार करेंगी।