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आरएसएस ने राहुल गांधी और सीताराम येचुरी पर किया 1 रुपये का मानहानि दावा

ठाणे के एक न्यायालय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य की याचिका पर राहुल गांधी और सीताराम येचुरी को समन जारी करते हुए 30 अप्रैल तक पेश होने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही सिविल मानहानि मामले में दोनों से प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपये की मांग की है। यह पूरा मामला पत्रकार गौरी लंकेश की हत्याकांड से जुड़ा है। इसमें दोनों नेताओं ने हत्याकांड से आरएसएस को जोड़ते हुए बदनाम करने वाले बयान दिए थे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आरएसएस कार्यकर्ता विवेका चंपानेरकर का दावा है कि 2017 में दोनों विपक्षी नेताओं ने गौरी लंकेश हत्याकांड से जोड़कर आरएसएस को बदनाम करने की कोशिश की थी। कोर्ट में दायर अपनी याचिका में चंपानेरकर ने कहा, “हिंसा की किसी घटना के लिए आरएसएस को दोषी ठहराना राहुल और सीताराम येचुरी की आदत है। इसे रोके जाने की जरूरत है।”

चंपानेरकर के वकील ने मानहानि की इतनी कम राशि के बारे में कहा, “आरएसएस एक सामाजिक संगठन है और उसे गलत टिप्पणियां करके बदनाम किया जा रहा है। हम इन लोगों को समझाने और एक संदेश देने के लिए ही नाममात्र का मुआवजा मांग रहे हैं। अभी तक कोई जांच नहीं हुई है, जिसमें आरएसएस और गौरी लंकेश की हत्या के बीच कोई संबंध निकला हो।”

गौरी लंकेश की हत्या के बाद राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा था, “आरएसएस-भाजपा के खिलाफ बोलने वाले पर हमला किया जाता है और उसे मार दिया जाता है। वह एक विचारधारा को लागू करना चाहते हैं, जो भारत की प्रकृति के हिसाब से उचित नहीं है।” सीताराम येचुरी ने पत्रकार की हत्या के बाद मीडिया के सामने आरएसएस और हत्या के बीच संबंध होना बताया था।