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मणिपुर में रोहिंग्या- घुसपैठियों को चिह्नित करने के लिए मुख्यमंत्री ने मांगी जनता की मदद

मणिपुर सरकार ने रोहिंग्या शरणार्थी और उन्हें आश्रय देने वालों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे रोहिंग्या शरणार्थियों और उन्हें शरण देने वालों के बारे में पुलिस को सूचना दें।

इससे पहले पुलिस ने राजधानी इंफाल के अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छह रोहिंग्या शरणार्थियों को पकड़ा था, जिनके पास से अन्य जगहों के कई फर्जी दस्तावेज मिले थे। ये सभी शरणार्थी दिल्ली एयरपोर्ट से मणिपुर जा रहे थे।

मुख्यमंत्री सिंह ने अपनी टिप्पणी में कहा, “राज्य में रोहिंग्या शरणार्थी अवैध रूप से प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन इसके पीछे यहाँ के ही कुछ लोग हैं। सरकार उन लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई करेगी।” साथ ही उन्होंने इसके लिए आम लोगों से भी मदद मांगी है।

मूल रूप से रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य से संबंधित एक मुख्य मुस्लिम जातीय समूह है, जो 2016-17 के एक कथित नरसंहार के बाद से ही अपने देश से बाहर है, और बड़ी संख्या में भारत में अपना रास्ता तलाश रहे हैं।