समाचार
ताहिर हुसैन पुलिस से छिपकर ज़ाकिरनगर में था, गिरफ्तार लेकिन मोबाइल बरामद नहीं

दिल्ली हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को पुलिस ने गुरुवार (5 मार्च) को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने उसके आत्मसमर्पण की याचिका भी खारिज कर दी थी। अब उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे हो रहे हैं।

टाइम्स नाऊ ने क्राइम ब्रांच के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी कि 27 फरवरी को उत्तर पूर्वी जिले के मुस्तफाबाद क्षेत्र को छोड़कर जाने के बाद ताहिर हुसैन ज़ाकिरनगर में छिपा था। यह आप विधायक अमानतुल्ला खान के ओखला निर्वाचन क्षेत्र में आता है।

अगले दो दिनों तक आरोपी वहीं रहा और उसने अलग-अलग नंबरों का उपयोग किया। अभी तक पुलिस उसका मोबाइल बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस ने इन क्षेत्रों के साथ अमरोहा के ताजपुर में भी छापे मारे पर वह पकड़ में नहीं आ सका।

दिल्ली हिंसा के दौरान ताहिर हुसैन की छत का इस्तेमाल हुआ था, जिसके बाद उस पर मामला दर्ज किया गया था। अब उन छह से अधिक संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है, जो ताहिर के साथ आगजनी करते देखे गए थे। इसमें आरोपी का सौतेला भाई शाह आलम भी था। उस पर चांद बाग में हुई हिंसा में शामिल होने का आरोप है।

गिरफ्तार होने से पूर्व ताहिर हुसैन ने कहा था कि वह बेगुनाह है। 24 फरवरी को जब दिल्ली में दंगे हुए थे, तब वो अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर से बाहर निकल गया था। ताहिर का कहना था कि उसने परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी थी। वह पुलिस की मौजूदगी में घर से बाहर निकला था। हालाँकि, पुलिस ने पहले ही ताहिर के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था।