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रिलायंस ने हरित ऊर्जा के लिए क्या योजना बनाई, 2030 तक 100 गीगावाट सौर ऊर्जा

रिलायंस की वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने हरित ऊर्ता (ग्रीन एनर्जी) के लिए कई घोषणाएँ कीं। गुजरात के जामनगर में 5,000 एकड़ पर धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। अगले तीन वर्षों में रिलायंस छोर-से-छोर तक अक्षय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र पर 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

हरित ऊर्जा के चार भाग हैं- पहले भाग में चार गीगा फैक्ट्रियाँ बनाई जाएँगी जो नई ऊर्जा के पारिस्थितिकी तंत्र के सभी प्रमुख घटकों का निर्माण करेंगी। इनमें से एक सौर ऊर्जा के लिए होगी जो सोलर मॉड्यूल फोटोवोल्टिक मॉड्यूल बनाएगी।

दूसरा भाग ऊर्जा के भंडारण के लिए एक अत्याधुनिक एनर्जी स्टोरेज बैटरी बनाना का संयंत्र है। तीसरा, ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए  एक इलेक्ट्रोलाइज़र संयंत्र बनाया जाएगा। चौथा, हाइड्रोजन को ऊर्जा में बदलने के लिए कंपनी एक फ्यूल सेल संयंत्र बनाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने 2030 तक 450गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा था। इसपर अंबानी ने कहा कि रिलायंस 2030 तक 100गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करेगा और इसका एक भाग छतों पर सौर पैनल और गाँवों में सौर ऊर्जा के उत्पादन से आएगा।

गाँवों में सौर ऊर्जा के उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलने की अपेक्षा है। रिलायंस का उद्देश्य सोलर मॉड्यूल का मूल्य दुनिया में सबसे कम रखने का है, ताकि सौर ऊर्जा को सस्ता बनाया जा सके।

सूर्य देव को नमन करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि सूर्य असीमित उर्जा पैदा करते हैं। अगर हम स्वच्छ सौर उर्जा का उपयोग कर पाए तो भारत जीवाश्म ईंधन, विशेषकर कच्चे तेल के आयातक से सौर उर्जा का निर्यातक देश बन सकता है।