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आरसीईपी में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर नहीं, सभी देश नहीं पहुँच सके एक निष्कर्ष पर
आईएएनएस - 4th November 2019

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) के तहत बड़े मुक्त व्यापारिक समझौते पर सोमवार (4 नवंबर) को हस्ताक्षर नहीं हो पाए क्योंकि भारत सहित 16 देश जटिल मुद्दों पर एक निष्कर्ष पहुँचने में असफल रहे।

मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “35वें आसियान शिखर सम्मेलन में हुई मंत्री-स्तरीय वार्ता दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौते पर प्रतीक्षित सौदा करने में विफल रही। मैं मानता हूँ कि 16 देशों के लिए एक समझौते पर पहुँचना आसान नहीं है।”

थाई सरकार के प्रवक्ता नरुमन पिनोसिनवट ने संवाददाताओं से कहा, “हमारे पास अभी कोई निष्कर्ष नहीं है। वाणिज्य मंत्री शेष मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। फरवरी-2020 में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।”

फिलीपींस के व्यापार सचिव रेमन लोपेज ने कहा, “यह सौदा फरवरी तक पूरा नहीं होगा क्योंकि एक प्रमुख देश तैयार नहीं है।” रिपोर्ट की मानें तो भारत ने सौदे की शर्तों पर सहमति जता दी थी लेकिन अंतिम समय एक और मांग जोड़ दी। लोपेज ने कहा, “सदस्य लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए फरवरी में मिलेंगे। हम चाहते हैं कि इसमें भारत आए क्योंकि वह बड़ी अर्थव्यवस्था है।”

मलेशियाई अंतर-राष्ट्रीय और उद्योग मंत्री डेरेल लीकिंग ने कहा, “आरसीईपी पर रविवार को बैंकॉक में आसियान-चीन और आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान चर्चा की गई। केवल एक देश अपने घर के मुद्दों की वजह से अब तक अपनी स्थिति पर स्पष्ट नहीं है। हम नेताओं के बयान का इंतजार करेंगे।”

ऐसा माना जाता है कि 16 देश अब भी 25 चैप्टरों के-निवेश, ई-कॉमर्स, उत्पत्ति के नियम और व्यापार उपाय संबंधी चार अध्यायों पर पूरी तरह सहमत नहीं हो पा रहे हैं। आरसीईपी में चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ 10 आसियान देश शामिल हैं। वार्ता 2012 में शुरू हुई थी और 2015 के अंत तक समाप्त हो गई थी।