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“कोविड की दूसरी लहर में आशंका से कम हुई अर्थव्यवस्था को क्षति”- आरबीआई गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) को विश्वास है कि कोविड की दूसरी लहर में भारतीय अर्थव्यवस्था को उतनी क्षति नहीं हुई, जितने की आशंका जताई जा रही थी। हालाँकि, आरबीआई गवर्नर डॉ शक्तिकांत दास ने केंद्र सरकार की ओर से इस पर बड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा, “अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राजकोषीय, मौद्रिक और क्षेत्रीय हर स्तर पर कदम उठाने आवश्यक होंगे।” समिति ने आश्वासन दिया कि भविष्य की दशा देखते हुए ब्याज दर निचले स्तर पर रखने के प्रयास जारी रहेंगे।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए समग्र मौद्रिक उपाय किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही महंगाई की स्थिति भी आगामी दिनों में लक्ष्य (दो से छह प्रतिशत) के दायरे में हो। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में कृषि क्षेत्र का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।

एमपीसी के पाँच सदस्यों ने दूसरी लहर के बाद अर्थवयवस्था की गति पर अनिश्चितता जताई पर यह भी संकेत दिए की गत वर्ष की भांति इस बार दशा उतनी खराब नहीं है। उनका मानना है कि टीकाकरण की गति से ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। आरबीआई ने भी यही बात एक अन्य रिपोर्ट में की है।