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आरबीआई डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पूर्व त्यागा पद

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर और मौद्रिक नीति विभाग के प्रभारी विरल आचार्य ने अपने निर्धारित कार्यकाल के खत्म होने से छह महीने पूर्व ही सोमवार को इस्तीफा दे दिया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में पिछले छह महीने में यह दूसरे सबसे बड़े अधिकारी का इस्तीफा है।

दिसंबर में गवर्नर उर्जित पटेल ने सरकार के साथ मतभेदों के बाद अपने कार्यक्रम के खत्म होने से नौ महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। सितंबर 2016 में उर्जिल पटेल को गवर्नर के पद पर पदोन्नत किए जाने के बाद आचार्य 23 जनवरी-2017 को केंद्रीय बैंक में शामिल हुए थे।

आरबीआई के पास अब तीन डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन, बीपी कानूनगो और एमके जैन बचे हैं। न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आचार्य ने कभी खुद को ‘गरीब आदमी का रघुराम राजन’ कहा था। वह आरबीआई के डिप्टी गवर्नर पद पर तीन साल के लिए नियुक्त किए गए थे।

उन्होंने ऐसे समय में पदभार संभाला था, जब नोटबंदी के बाद केंद्रीय बैंक धन जमा करने और निकासी से संबंधित नियमों में बार-बार बदलाव के लिए आलोचना का सामना कर रहा था।