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आरबीआई ने की रेपो रेट में कटौती, पहुँची 4 प्रतिशत, गृह ऋण में तीन माह की और छूट

केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कोरोनावायरस की वजह से पटरी से उतर चुकी अर्थव्यवस्था को राहत देते हुए शुक्रवार (22 मई) को रेपो रेट में कटौती की घोषणा की। इसमें 0.4 प्रतिशत अंक की कटौती की गई, जिसके बाद यह 4 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा, गृह ऋण की ईएमआई अगस्त तक नहीं चुकाने की छूट दी गई।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 की वजह से हुए लॉकडाउन के बाद से यह तीसरी बार है, जब आरबीआई ने राहत की घोषणा की है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने जीडीपी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2020-21 में ग्रोथ नाकारात्मक क्षेत्र में रह सकती है। सबसे बड़ा झटका निजी खपत को लगा है। उपभोक्ताओं द्वारा खरीदारी मार्च 2020 में 33 प्रतिशत घट गई। व्यापारिक चीजों का निर्यात 30 वर्ष के सबसे खराब स्तर पर पहुँच गया है।”

आरबीआई ने आयात-निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पहले और बाद के शिपमेंट के लिए निर्यात ऋण की अनुमेय अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर 15 महीने के लिए कर दिया। यूएस डॉलर स्वैप सुविधा के लिए ईएक्सआईएम बैंक को 1,5000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।

27 मार्च को गृह ऋण की ईएमआई में तीन महीने की दी गई छूट को और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया। इसका मतलब एक जून से 31 अगस्त तक के लिए किश्त को टालने का विकल्प मिल सकता है।