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स्टार्टअप को आरबीआई ने ऋण के लिए प्राथमिकता श्रेणी में डाला, ₹50 करोड़ की सीमा

देश के स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुआई वाली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) शुक्रवार (4 अगस्त) को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) श्रेणी के तहत स्टार्टअप्स के वित्तपोषण को लाई है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नवीनीकरण नीति के तहत कृषि या सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के अलावा अन्य गतिविधियों में लगे स्टार्टअप अब 50 करोड़ रुपये तक के ऋण ले सकेंगे।

व्यवसायिक बैंकों को देखते हुए स्टार्टअप को राशि के लिए अधिक से अधिक और आसान पहुँच के रूप में लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही विदेशी लोगों को अनिवार्य रूप से पीएसएल गतिविधि के लिए समायोजित नेट बैंक क्रेडिट का 40 प्रतिशत अनिवार्य रूप से आवश्यक है।

इसके अलावा, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और छोटे वित्त बैंकों को अब पीएसएल के लिए अपने समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का 75 प्रतिशत आवंटित करना होगा। आरबीआई ने उभरती हुई राष्ट्रीय प्राथमिकताओं वाली बैंकों के पीएसएल को संरेखित करने के लिए दिशा-निर्देशों की भी घोषणा की। सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद आरबीआई ने समावेशी विकास पर जोर देने की कोशिश की।

स्टार्टअप्स के साथ नए दिशा-निर्देशों से छोटे व सीमांत किसानों, कमजोर वर्गों, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे के क्षेत्रों को भी लाभ होगा। आरबीआई के अनुसार, नए पीएसएल मानदंड ऋण की कमी वाले क्षेत्रों में बेहतर क्रेडिट पैठ बनाएँगे।