समाचार
म्यूचुअल फंड के लिए 50,000 करोड़ रुपये की विशेष सुविधा हेतु आरबीआई की घोषणा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को म्यूचुअल फंड के लिए 50,000 करोड़ रुपये की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की। उसने कहा, “कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के लिए और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के हर ज़रूरी कदम उठाया जाएगा।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई ने कहा, “एसएलएफ-एमएफ ऑन-टॉप और ओपन-एंडेड है। बैंक सोमवार से शुक्रवार तक किसी भी दिन वित्त हासिल करने के लिए अपनी बोली जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और 11 मई तक रहेगी।”

बता दें कि गत सप्ताह बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने अपनी छह ऋण योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया था। इसके बाद बैंक ने राहत देने के लिए यह कदम उठाया है।

जो योजनाएँ बंद हुई हैं, उनमें लो ड्यूरेशन फंड, डायनेमिक एक्यूरल फंड, क्रेडिट रिस्क फंड, शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड और इनकम अपॉर्चुनिटीज फंड शामिल हैं।

हालाँकि, एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) ने निवेशकों को भरोसा दिया कि ज्यादातर फिक्स्ड इनकम म्युचुअल फंडों की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों का निवेश उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभूतियों में किया गया है। वे अपने निवेश लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते रहें और अपने वित्तीय सलाहकार के संपर्क में रहें।