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अयोध्या निर्णय के बाद 21 नवंबर को अधिक धूमधाम से नेपाल निकलेगी राम बारात
आईएएनएस - 20th November 2019

राम बारात अयोध्या से नेपाल के जनकपुर के लिए 21 नवंबर को निकलेगी। इस वर्ष सर्वोच्च न्यायालय से राममंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद बारात और धूमधाम तरीके से निकाली जाएगी।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) हर साल इसका आयोजन करवाता है। भगवान की बारात में दो सजे हुए रथ जाएँगे, जिसमें राम, लक्ष्मण और भरत के रूप में सजे युवक होंगे। 24 से अधिक कारों, बस में सवार 200 लोग, जिसमें संत भी शामिल होंगे, 21 नवंबर को अयोध्या से निकलेंगे और 28 नवंबर को माता सीता के गृहनगर माने जाने वाले जनकपुर पहुँचेंगे। यात्रा के मार्ग में और अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।

प्राचीन रीति-रिवाजों के अनुसार, किसी भी महिला को बारात में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। बारात गाजीपुर, छपरा, पटना और सीतामढ़ी से होकर गुज़रेगी और कुछ स्थानों पर रुकेगी। विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके लिए आमंत्रित किया गया है।” आमंत्रितों में नेपाल का शाही परिवार भी है।

कार्यक्रम का आयोजन धर्मयात्रा महासंघ के बैनर तले हो रहा है, जिसे 2002 में धार्मिक यात्राओं के आयोजन के लिए विहिप ने स्थापित किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इसके संरक्षक थे।

विहिप नेताओं के अनुसार, 400 से अधिक मेहमानों के लिए नेपाल में पहले ही होटल बुक हो चुके हैं। 29 नवंबर को जनकपुर के दशरथ मंदिर में तिलकोत्सव होगा। 30 नवंबर को कन्या पूजन और 1 दिसंबर को रामलीला, धनुष यज्ञ और जयमाल आयोजित होगा।

कलवा 2 दिसंबर को है, जिसके बाद बारात गोरखपुर के माध्यम से अपनी वापसी यात्रा पर आगे बढ़ेगी और 3 दिसंबर को अयोध्या पहुँचने की उम्मीद है। पहली बरात 2004 में निकाली गई थी, तब से यह एक वार्षिक अनुष्ठान बन गया है।