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राकेश टिकैत के आँसुओं से बदला माहौल? गाज़ीपुर सीमा बिना खाली कराए लौटी पुलिस

गाज़ीपुर सीमा पर किसानों का धरना प्रदर्शन समाप्त करने गुरुवार (28 जनवरी) रात पहुँचे पुलिस बल को वापस लौटना पड़ा। किसान नेता राकेश टिकैत ने मीडिया के सामने रोते हुए अपनी माँग पर बने रहने की बात कही। साथ ही कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते, तब तक वह धरना समाप्त नहीं करेंगे। फिर चाहे उन्हें आत्महत्या ही क्यों न करनी पड़े।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन ने दिल्ली की सीमा से लगी गाज़ीपुर सीमा पर भाकियू के प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने के आदेश दिए थे। वहाँ पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। इसको देखते हुए कुछ किसानों ने वापस जाने की तैयारी भी कर ली थी लेकिन आखिरी वक्त पर राकेश टिकैत के दाँव ने पूरा दृश्य ही बदल दिया।

राकेश टिकैत ने कहा, “मैं अब पानी नहीं पीऊँगा। मैं केवल वही पानी पीऊँगा, जो गाँवों से किसानों द्वारा लाया गया है।” इसके बाद रात में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली की ओर कूच करने लगे। राकेश टिकैत का बयान आने के बाद मेरठ, बागपत समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों के करीब 5,000 से अधिक किसान एकत्रित हो गए।

नरेश टिकैत ने तुरंत पंचायत बुलवाई और दिल्ली जाने की योजना बनने लगी। इसके बाद निर्णय हुआ कि शुक्रवार को 11 बजे मुजफ्फरनगर में महापंचायत होगी और आगे की योजना पर बात होगी। इस प्रदर्शन को कांग्रेस, आरएलडी समेत कई दलों के नेताओं का समर्थन भी मिलने लगा। इसकी वजह से रात में पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा था।