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दिल्ली में किसान आंदोलन पड़ा ठंडा तो बंगाल की चुनावी गर्मी बढ़ाने पहुँचे राकेश टिकैत

दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन की रफ्तार कम पड़ने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत पश्चिम बंगाल में केंद्र शासित भाजपा सरकार को होने वाले विधानसभा चुनाव में नुकसान पहुँचाने पहुँच गए हैं। उन्होंने कहा, “हम यहाँ क्रांतिकारियों की धरती से लड़ाई को आगे बढ़ाने आए हैं। आप चुनाव में भाजपा को छोड़कर किसी को भी वोट दे सकते हैं।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, राकेश टिकैत ने भवानीपोरा में हुई किसान महापंचायत में कहा, “जब तक कानून वापस नहीं होते, तब तक हमारी घर वापसी नहीं होगी। सरकार दिल्ली को छोड़कर अब बंगाल में व्यस्त हो गई है। इसी वजह से हम भी यहाँ पहुँच गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जहाँ-जहाँ जाएँगे, हम उनके पीछे-पीछे विरोध करने जाएँगे। हम नंदीग्राम में भी किसानों को संबोधित करेंगे।” बता दें कि रविवार (14 मार्च) को सिंगूर और आसनसोल में भी किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा, “हम पश्चिम बंगाल के किसानों से निवेदन करते हैं कि वे भाजपा को अपना बहुमूल्य मत न दें। यहाँ चुनावी हार के बाद भाजपा को कृषि कानून वापस लेना ही पड़ेगा। हम किसी पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं।”

बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर, शाहजहांपुर, टीकरी और सिंघु दिल्ली सीमा पर किसानों की संख्या अब धीरे-धीरे कम हो रही है। इनमें पहले की तुलना में प्रदर्शनकारियों की संख्या बेहद कम हुई है। इससे राकेश टिकैत भी विचलित हैं। यूपी गेट पर किसानों की संख्या 200 से भी कम हो गई है।