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राज्यसभा में गर्भपात की सीमा 20 की बजाय 24 सप्ताह करने वाला विधेयक पारित

गर्भ का चिकित्सकीय समापन संशोधन विधेयक 2020 राज्यसभा में मंगलवार (16 मार्च) को पारित कर दिया गया। इसमें गर्भपात की स्वीकृति की सीमा 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 करने का प्रावधान किया गया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने सदन में कहा, “इस विधेयक को गहन विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। कई मंत्रालयों, राज्य सरकारों, विभिन्न पक्षों, एनजीओ, महिला व पुरुष चिकित्सकों के संगठनों से वार्ता के बाद इसे लाया गया।”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “इस विधेयक के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में मंत्रियों का एक समूह भी गठित किया गया था। लोकसभा में भी इस पर गहन चर्चा हुई और उसके बाद इसको सर्वसम्मति से पारित किया गया।”

उन्होंने कहा, “विधेयक के माध्यम से 50 वर्ष पुराने कानून की कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है। गर्भपात के संबंध में कई देशों के कानूनों का अध्ययन करने के बाद इसे तैयार किया गया।”

इसके अतिरिक्त राज्यसभा में राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग विधेयक 2020 भी पेश किया गया। मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, “यह विधेयक सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख करने वाले पेशेवरों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”