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बंगाल- सीबीआई जाँच के घेरे में आ चुके राजीव कुमार बने आईटी विभाग के प्रमुख सचिव

गुरुवार (26 दिसंबर) को पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सूचना, प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में प्रमुख सचिव के रूप में नियुक्त किया। आपको बता दें कि राजीव कुमार वर्तमान में राज्य सीआईडी ​​के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में तैनात हैं।

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी आदेश में आईपीएस राजीव कुमार देबाशीष सेन की जगह लेंगे, जो अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में विभाग का अतिरिक्त पदभार संभाल रहे थे।

राज्य सरकार के आदेश में कहा गया कि सेन अब पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम लिमिटेड (एचआईडीसीओ) के सीएमडी होंगे, इसके साथ ही उन्हें नबिगांता इंडस्ट्रियल टाउनशिप प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

राजीव कुमार वह आईपीएस अधिकारी हैं जो शारदा चिट फंड घोटाले की जाँच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जाँच समिति का हिस्सा थे पर बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 में सीबीआई को अन्य चिट-फंड मामलों के साथ इस मामले की जाँच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी थी।

गौरतलब है कि शारदा समूह की कंपनियों ने कथित तौर पर लाखों लोगों को उनके निवेश पर उच्च दरों का वादा करके लोगों को धोखा दिया था और करीब 2,500 करोड़ रुपये लेकर रफू-चक्कर हो गई थी। इस घोटाले का खुलासा 2013 में कुमार ने अपने बिधाननगर पुलिस आयुक्त के कार्यकाल के दौरान किया था।

फरवरी में, सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश पर शिलॉन्ग में पाँच दिनों तक इसी मामले के सिलसिले में कुमार से सीबीआई ने पूछताछ की थी।