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बात चोट पहुँचा सकती है, जानने के बाद भी कहना साहस भी है, मूर्खता भी- राजीव बजाज

बजाज ऑटो के प्रबंध-निदेशक राजीव बजाज ने अपने पिता राहुल बजाज को आड़े हाथ लिया है। दरअसल राहुल बजाज ने सार्वजनिक रूप से गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक चर्चा के दौरान आरोप लगाया था कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आलोचना के लिए खुली नहीं है।

इकनॉमिक टाइम्स  को दिए साक्षात्कार में राजीव बजाज ने अपने पिता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने पिता के लिए कहा, “दरबार बैल के लिए एक लाल कालीन की तरह ही है।”

बजाज ने कहा कि वे निजी तौर पर अनिश्चित हैं कि उनके पिता को अपनी बातों को सार्वजनिक रूप से कहने/उजागर करने की ज़रूरत क्या थी, वह भी कॉर्पोरेट उत्कृष्टता का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक सार्वजनिक बैठक में।

“जी बिल्कुल मेरे पिता इस संबंध में हमेशा असामान्य रूप से साहसी रहें है और लोग इसके लिए लोग उनकी प्रशंसा भी करते हैं। मैंने कहीं पढ़ा था कि किसी चोट पहुँचाने वाले कार्य को करना साहसपूर्ण होता है लेकिन मूर्खता भी यही है इसलिए जीवन कठिन है।”, बजाज ने कहा।

राजीव बजाज ने आगे कहा, “यही कारण है कि उनकी बातों का किसी ने समर्थन नहीं किया और बिना सामने आए सभी बयान को सही बताते रहे।” बजाज ने यह भी कहा कि विभिन्न मुद्दों पर सरकार की आलोचना करते हुए, शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि उन्होंने सरकार के दिमाग में अपने लिए एक खराब छवि बना दी हो।

उन्होंने बताया कि कैसे उनकी कंपनी के लंबे समय से अटके क्वाडसाइकल परियोजना के मामले में उन्हें सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) द्वारा तुरंत सुनवाई की गई थी। सरकार ने तब इस आठ साल से लंबित परियोजना को अगले 12 महीनों के भीतर मंजूरी दे दी थी।