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डूंगरपुर जनजाति प्रदर्शन की हिंसा में दो की मौत, राजस्थान के चार जिलों में धारा 144

डूंगरपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-8 पर शिक्षक भर्ती परीक्षा के विरोध और आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है। अब तक दो लोगों के मरने और दो के घायल होने की सूचना है। जो अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने कथित तौर पर पथराव किया और वाहनों को आग लगा दी।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के साथ अनारक्षित अनुभाग में रिक्तियों को भरने की माँग कर रहे हैं। जहाँ पर हिंसा का केंद्र है, वह जयपुर से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।

हिंसा को शांत करने, स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले दागे। दरअसल, भीड़ ने राजमार्ग की घेराबंद कर रखी थी। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

रिपोर्ट की मानें तो पुलिस का कहना है कि 2018 की शिक्षक भर्ती परीक्षा के उम्मीदवार एसटी श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ 1,167 सामान्य पदों को भरने की मांग के लिए पिछले पखवाड़े से विरोध कर रहे हैं। आदिवासी समुदाय के सदस्य दो सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं, जो सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए आरक्षित हैं।

सीटें योग्य उम्मीदवारों की कमी के कारण खाली पड़ी हैं। आदिवासी समुदाय के सदस्य मांग कर रहे हैं कि उन सीटों को उनके पास आना चाहिए। डूंगरपुर में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के विरोध में दक्षिणी राजस्थान के चार जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया और धारा 144 लागू कर दी गई है। ये उदयपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ हैं।