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जैसलमेर में पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए लगाया गया शिविर

नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के संसद में पारित होने के बाद उसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की भी सहमति मिल गई और यह कानून बन गया। इसी के तहत राजस्थान के जैसलमेर में जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार (13 दिसंबर) को एक शिविर लगाया गया। इसमें पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की औपचारिकता पूरी करने में मदद की गई।

एएनआई की रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसलमेर जिले के उप प्रभागीय न्यायाधीश (एसडीएम) ओम प्रकाश बिश्नोई की निगरानी में आयोजित शिविर में पाकिस्तान के 15 शरणार्थी आए, जिन्होंने भारतीय नागरिकता अधिकारों का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं को पूरा किया।

शिविर के बारे में एसडीएम ने बताया, “सभी संबंधित विभागों को एक मंच के तहत लाने के लिए इस तरह के शिविर अक्सर आयोजित किए जाते हैं। केंद्र द्वारा रिपोर्टिंग और निकासी प्रक्रिया को ऑनलाइन नियंत्रित किया जाता है।”

बता दें कि नागरिकता कानूनों के नए संशोधनों को संसद के दोनों सदनों के शीतकालीन सत्र में ही मंजूरी दे दी गई थी। कुछ दिनों बाद भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी विधेयक पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया था।

नागरिकता संशोधित अधिनियम अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई सहित उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से पारित किया गया था।