समाचार
राजस्थान उच्च न्यायालय ने महिला को दूसरी पत्नी के रूप में रहने की दी अनुमति

राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार (25 मार्च) को 26 वर्षीय महिला रूपल सोनी को दूसरी पत्नी के रूप में रहने की अनुमति दी। मोईनुद्दीन अब्बासी नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि महिला के घर वाले उसे बंदी बनाकर रख रहे हैं, जिस पर सुनवाई के दौरान न्यायालय यह फैसला सुनाया।

न्यायाधीश संदीप मेहता और विनीत कुमार माथुर ने यह आदेश बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के समय सुनाया जब याचिकाकर्ता मोईनुद्दीन अब्बासी ने बताया कि उसकी शादी रूपल से 23 जुलाई 2018 में हुई थी जिसका पंजीकरण आबू रोड पर विवाह पंजीकरण अधिकारी के समक्ष हुआ था।

हिंदुस्तान टाइम्स की  खबर के अनुसार इस मामले पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने पुलिस को महिला की पेशी का आदेश दिया जिसके बाद 13 मार्च को सुनवाई के समय न्यायालय में महिला ने बताया कि शादी के बाद उसे पता चला कि मोईनुद्दीन पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। मामले को देखते हुए न्यायालय ने महिला को उदयपुर में स्थित सरकारी महिला गृह में रहने का आदेश दिया जहाँ वह अपने भविष्य के बारे में पूर्ण तरह  सोच-विचार करे और अपना फैसला ले सके।

सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने बताया कि महिला ने याचिकाकर्ता मोईनुद्दीन के साथ रिश्ता बनाए रखने का फैसला लिया है और वह इस फैसले की खुद ज़िम्मेदारी लेती है।

महिला के इस फैसले पर न्यायाधीश ने कहा कि महिला निर्णय लेने में सक्षम है। न्यायालय ने महिला को अपने पति के साथ रहने की अनुमति देते हुए उसे सुरक्षित तरीके से स्थान पर पहुँचाने का आदेश दिया है।