समाचार
राजस्थान सरकार के नए नियम से बिना चुनाव लड़े बन सकेंगे महापौर और अध्यक्ष
आईएएनएस - 17th October 2019

राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने अपने नेताओं को समायोजित करने के लिए नई तरकीब निकाली हैं। सरकार ने निकाय चुनाव की नियमों में भारी फेरबदल किया है।

राज्य के सभी नगर निगम, नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष और महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष होगा। इतना ही नहीं महापौर या अध्यक्ष बनने के लिए पार्षद का चुनाव लड़ना जरूरी नहीं होगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि सरकार को नियमों में परिवर्तन और बदलाव का अधिकार होता है। उन्होंने आगे कहा, “राज्य मंत्रिमंडल की 14 अक्टूबर की बैठक में लिए गए एक फैसले के अनुपालन में राजस्थान नगरपालिका (चुनाव) नियम 1994 में अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित अध्यक्ष, अध्यक्ष और महापौर से लेकर नगरपालिका संस्थानों में संशोधन किया गया है।”

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नागरिक इकाई के चुनाव जीतने के लिए अलग-अलग कोशिशें कर रही है। उन्होंने कहा, “मैंने सुना है कि वे एक हाइब्रिड मॉडल में ला रहे हैं। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि वे चुनाव हार जाएँगे, चाहे कोई भी प्रारूप लाएँ।”

इस निर्णय के साथ ही ऐसे पद्धति से चुनाव कराने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन जाएगा।