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विधानसभा सत्र बुलाने के लिए अशोक गहलोत आवास पर बैठक के बाद राज्यपाल को पत्र
आईएएनएस - 29th July 2020

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर मंगलवार (28 जुलाई) को राजस्थान कैबिनेट की बैठक हुई। इस दौरान ढाई घंटे तक विशेष विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल कलराज मिश्र की आपत्तियों पर चर्चा की गई।

अशोक गहलोत की टीम ने अपने जवाब का मसौदा तैयार किया और 31 जुलाई को सत्र बुलाने का अनुरोध करने के लिए तीसरी बार राज्यपाल को पत्र भेजा। वे अब राजभवन के उत्तर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खारियावास ने कहा, “सत्र बुलाना हमारा कानूनी अधिकार है।”

उन्होंने कहा, “राज्यपाल इस पर सवाल नहीं उठा सकते। फिर भी हम उनके सवालों का जवाब दे रहे हैं। जहाँ तक ​​21 दिन के नोटिस का सवाल है, 10 दिन बीत चुके हैं। फिर भी राज्यपाल ने कोई तारीख जारी नहीं की। अगर वह इस बार प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते हैं तो साफ हो जाएगा कि राष्ट्र का संचालन करने वाला कोई संविधान नहीं है।”

राज्यपाल ने दो बार सरकार की फाइल लौटा दी, जिसमें विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव था। इससे पूर्व, राज्यपाल ने सोमवार को गहलोत सरकार के विशेष विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को खारिज किया और कहा था कि सत्र बुलाया जा सकता है लेकिन सरकार को 21 दिन का नोटिस देना होगा।

राज्यपाल ने सरकार से यह भी पूछा था, “क्या वह विश्वास मत चाहती है। अगर किसी भी परिस्थिति में विश्वास प्रस्ताव को पारित करने की आवश्यकता होती है तो यह संसदीय कार्य विभाग के प्रधान सचिव की उपस्थिति में होना चाहिए। साथ ही वीडियो रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए। इसे लाइव टेलीकास्ट भी किया जाना चाहिए।” उन्होंने पूछा कि अगर विधानसभा सत्र बुलाया जाता है, तो सामाजिक गड़बड़ी को कैसे बनाए रखा जाएगा?