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लॉकडाउन के दौरान 40 दिनों में रेलवे ने 12,270 किलोमीटर ट्रैक की मरम्मत की

देश में 24 मार्च से हुए लॉकडाउन का रेलवे ने रखरखाव और मरम्मत के काम के जरिए पूरा उपयोग उठाया है। इस दौरान उसने 50 वर्ष पुराने लकड़ी के सीज़र क्रॉस (ट्रैक के नीचे लगने वाले स्लीपर) को बदला। इसके अलावा, 100 वर्ष पुराना एफओबी तोड़ा।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 40 दिन की मरम्मत के दौरान रेलवे ने आधिकारिक रूप से करीब 705 घंटे का ब्लॉक लिया। इससे पटरियों की सुरक्षा बेहतर होगी और परिचालन की क्षमता बढ़ेगी। रेलवे का कहना है कि रखरखाव से ट्रेनों की लेटलतीफी दूर होगी। ये काम कई वर्षों से लंबित थे और इनके चलते कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

रेल मंत्रालय ने बताया, “लॉकडाउन के दौरान 500 आधुनिक हेवी ड्यूटी ट्रैक मरम्मत मशीनों ने 12,270 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर मरम्मत की। रेलवे ने तेलंगाना में 1970 में लगा लकड़ी का सीजर क्रॉस ओवर बदल दिया, जिसके लिए 72 घंटे का ब्लॉक लिया गया। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 24 घंटे का ब्लॉक लेकर पटरी की क्रॉसिंग में लकड़ी के स्लीपर बदले गए।

इसी तरह चेन्नै रेलवे स्टेशन के पास असुरक्षित आरओबी को हटाया गया। इसके नीचे से आठ ट्रैक गुजर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बचा हुआ मरम्मत का काम 17 मई तक पूरा कर लिया जाएगा।