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स्थाई कमीशन में महिला अधिकारियों पर राहुल गांधी को भाजपा ने 2010 याद दिलाया

भारतीय सेना में सभी महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा ने कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। भाजपा ने कहा, “यह उनकी पार्टी की ही फितरत है, जिसने महिलाओं को उनके अधिकारों और पदों से वंचित रखा।”

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने इससे पूर्व केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था, “सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में यह तर्क दिया था कि महिला आर्मी अधिकारी कमांड पोस्ट या स्थाई सेवा के योग्य नहीं हैं क्योंकि वे पुरुषों से कमतर हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “सरकार ने न्यायालय में यह तर्क देकर प्रत्येक भारतीय महिला का अपमान किया है। मैं भारत की महिलाओं को खड़े होने और भाजपा सरकार को गलत साबित करने के लिए बधाई देता हूँ।”

इस पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने जवाब देते हुए कहा, “कांग्रेस को अपनी याददाश्त को ताजा रखने और यह भूलने की जरूरत नहीं कि उस वक्त उनकी ही सरकार थी, जिसने 2010 में सेना में महिलाओं के स्थाई कमीशन के खिलाफ तर्क दिया था।”

महिला सैन्य अधिकारियों की पैरवी करने वाली भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा, “राहुल गांधी कृपया रिफ्रेश मेमोरी बटन पर क्लिक करें। तब कांग्रेस सरकार थी, जिसने 2010 में दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने सेना में महिलाओं को स्थानीय कमीशन देने के खिलाफ जोर-शोर से तर्क दिया था।”