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“राहुल गांधी के उत्तर परिपक्व नहीं व पूर्व निर्धारित”- संवाद सत्र के बाद छात्रों की राय

पुणे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के छात्रों से संवाद के संदर्भ में सामने आया है कि छात्र मानते हैं कि उनका पूरा कार्यक्रम और सवाल पहले से तय थे। संवाद में सारी बातें राहुल ने राजनीतिक फायदे के लिए ही बोलीं।

संवाद कार्यक्रम में भारतीय विद्यापीठ के छात्र शामिल थे। इसका संचालन कादम परिवार के द्वारा किया जाता है, जो कांग्रेस पार्टी का बहुत करीबी माना जाता है। संवाद खत्म होने के बाद इंडिया टुडे  छात्रों के पास गया और उनसे कार्यक्रम के बारे में पूछा। एक छात्र ने कहा, “यहाँ सब कुछ पहले से ही तय था और हमें सवाल पूछने की अनुमति तक नहीं थी। राहुल गांधी को पहले से ही पता था कि उनसे क्या पूछा जाना है।”

एक और छात्र ने कहा, “राहुल गांधी ने जो जवाब दिए हैं, वे सवालों के अनुरूप नहीं थे। यह कोई भावनात्मक होने का मंच नहीं था और न ही अपने बचपन की पुरानी यादों को सबके सामने लाने का। मेरे जैसे बहुत से छात्र काफी दूर से अपने सवालों के जवाब जानने के लिए यहाँ आए थे। हमें उचित और परिपक्व जवाब की उम्मीद थी, जिसमें राहुल गांधी ने हमें निराश किया।”

इसी छात्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परीक्षा पर चर्चा की तारीफ की। उसने कहा, “छात्रों के साथ नरेंद्र मोदी की बातचीत ज्यादा प्रासंगिक और करियर की संभावनाओं से प्रेरित थी। चुनाव आने वाले हैं। हम दोनों को देखकर खुद ही यह तय कर सकते हैं कि वोट किसे देना चाहिए।” एक छात्र ने कार्यक्रम के बारे में कहा, “बहुत कम छात्रों को राहुल गांधी के साथ बातचीत करने का मौका मिला, जिसमें सिर्फ पाँच-छह छात्र ही हो सकते हैं।”