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“उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा में पीएफआई के शामिल होने के सबूत मिले”- डीजीपी
आईएएनएस - 3rd January 2020

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा, “हाल ही में राज्य में हुई हिंसा के दौरान नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध प्रदर्शनों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) सक्रिय रूप से शामिल था। पीएफआई के जिन 25 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत भी इकट्ठा कर लिए गए हैं।”

शुक्रवार (3 जनवरी) को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने कहा, “पीएफआई हाल की हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल था। यही वजह है कि हमने उनके 25 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।”

बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीएए के खिलाफ हाल ही में राज्यव्यापी हिंसक विरोध में संदिग्ध होने के बाद पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की केंद्र सरकार से सिफारिश की है।

डीजीपी ओपी सिंह ने मंगलवार (31 दिसंबर) को कहा था, “मैंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस बाबत पत्र लिखा था। इसमें संगठन के उत्तर प्रदेश के मुखिया वसीम और 16 अन्य कार्यकर्ताओं को राज्य की राजधानी लखनऊ में हिंसा करने पर पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।”

अकेले शामली जिले में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने के प्रयास में 19 दिसंबर से पीएफआई के 14 सदस्यों सहित 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।