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तुर्की के जिहादी संगठन आईएचएच संग 2018 में हुई थी पीएफआई की बैठक- रिपोर्ट

एक यूरोपीय शोध समूह ने चौंकाने वाला खुलासा कर बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और तुर्की के जिहादी संगठन आईएचएच ने 2018 में एक बैठक आयोजित की थी।

रिपब्लिक वर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, उक्त बैठक तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में आईएचएच के मुख्यालय में आयोजित की गई थी। बैठक में पीएफआई के सदस्य प्रोफेसर पी कोया व ईएम अब्दुल रहमान ने आईएचएच के महासचिव डर्मूस आयडिन और उप-राष्ट्रपति हुसैन ओरुके से भेंट की थी।

आईएचएच के कथित संबंध तुर्की राज्य की खुफिया एजेंसी से हैं इसलिए यह खुलासा महत्त्वपूर्ण हो जाता है, वहीं पीएफआई हाल के दिनों में भारत में दंगों और नागरिक अशांति को उकसाने में अपनी कथित भूमिका के लिए चर्चा में रहा है। आईएचएच पर 2014 में सीरिया में आतंकवादी संगठन अल कायदा को हथियार और गोला-बारूद की तस्करी करने का भी आरोप है।

पीएफआई को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जाँच ने हाल ही में खुलासा किया था कि विभिन्न स्रोतों से संगठन से जुड़े 73 से अधिक बैंक खातों में 120 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई थी। इसके अलावा, गत वर्ष दिसंबर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) में किए गए संशोधनों के विरोध के दौरान एक ही दिन में इन खातों से 90 बार निकासी की गई थी।

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने दिसंबर 2019 में पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था। कर्नाटक और असम भी पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं।