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अमरिंदर सिंह ने किसान प्रदर्शनकारियों की “हिंसा अस्वीकार्य” मानी, पहले दिया था साथ

पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को दिल्‍ली में किसानों की ट्रैक्‍टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि जो दृश्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, “दिल्ली में चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। कुछ तत्वों द्वारा हिंसा अस्वीकार्य है। यह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे किसानों द्वारा उत्पन्न सद्भावना को नकार देगा। किसान नेताओं ने खुद को अलग कर लिया है और ट्रैक्टर परेड को रद्द कर दिया है। मैं सभी वास्तविक किसानों से दिल्ली को खाली करने और सीमाओं पर लौटने का आग्रह करता हूँ।”

इससे पूर्व, दिन में अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से किसानों की मांगों को स्वीकार करने की अपील करते हुए कहा था, “कृषि कानून पूरी तरह से गलत हैं क्योंकि वे संघवाद के खिलाफ हैं। चूँकि, कृषि संविधान की अनुसूची 7 के तहत एक राज्य का विषय है।” उन्होंने अपना दिल प्रदर्शनकारियों के साथ होने की बात कही। साथ ही किसानों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्ण रहे।

हालाँकि, जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया, किसान अपने वादे से भटकते हुए दिल्ली की ओर कूच करने लगे। उनकी पुलिसकर्मियों के साथ कई झड़प हुईं। कई क्षेत्रों में हजारों प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने बैरिकेड्स तोड़ने के बाद ऐतिहासिक लाल किले पर भी धावा बोला। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

हिंसा भड़ने के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गईं। किसान यूनियन के नेताओं ने संयम बरतने का आह्वान करते हुए किसानों से कहा कि वे अपनी जगहों पर वापस लौट आएँ।