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सर्वेक्षण के अनुसार पुलवामा हमले के बाद मोदी की लोकप्रियता में 7% की बढ़ोतरी

पुलवामा में हुए आतंकी हमले  के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़ा फायदा हो सकता है। टाइम्स नाउ  और वीएमआर  द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार पुलवामा हमले के बाद मोदी की रेटिंग 7 प्रतिशत से बढ़ कर 52 प्रतिशत हो गई है।

हाल ही में हुए सर्वेक्षण में 52 प्रतिशत लोगों ने मोदी के हित में जवाब दिया है, वहीं 27 प्रतिशत लोग कांग्रेस पार्टी के प्रमुख राहुल गांधी के साथ हैं और मात्र 7.3 प्रतिशत लोग हैं जिन्होंने क्षेत्रीय नेताओं को लोकसभा चुनावों के लिए सक्षम बताया है। यह सर्वेक्षण 5 फरवरी से 21 फरवरी के बीच हुआ था।

आपको बता दें कि पुलवामा हमले से पूर्व जनवरी में हुए सर्वेक्षण के अनुसार 44.4 प्रतिशत लोगों ने मोदी को सक्षम बताया था वही राहुल गांधी के हित में 30 प्रतिशत लोगों ने अपना विचार व्यक्त किया था। क्षेत्रीय नेताओं के हित में 13.8 प्रतिशत लोगों ने अपनी हामी भरी थी।

जहाँ सर्वेक्षण के अनुसार मोदी को सबसे ज़्यादा लोकप्रिय बताया जा रहा है वहीं 46 प्रतिशत लोगों का कहना यह भी है कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतर्गत सबसे कम चुनावी वादों को पूरा किया है और मात्र 27 प्रतिशत जनता ने मोदी सरकार द्वारा चुनावी वादे पूरा होने की पुष्टि जताई है।

सर्वेक्षण में जनता से पूछा गया कि इस बार चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा क्या है तो 40 प्रतिशत लोगों ने रोज़गार की बात की वही छोटी संख्या में 17.7 प्रतिशत लोगों ने किसानो की स्कीम्स को अहम मुद्दा बताया है  वहीं मात्र 14 प्रतिशत लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को चुनाव के लिए निर्णायक मुद्दा बताया था।

सर्वेक्षण में पूछे गए अन्य सवालों में जब रोज़गारी के बारे में पूछा गया तो 40 प्रतिशत लोगों ने बताया कि भारत में बेरोज़गारी में कमी देखी गई है और लोगों के लिए रोज़गार के अवसर ज़्यादा मात्रा में बढ़े हैं वही इसके विरुद्ध 24 प्रतिशत लोगों ने बेरोज़गारी में बढ़ोतरी बताई है। सर्वेक्षण में 36 प्रतिशत जनता वह भी है जिसने कहा है कि बेरोज़गारी स्तर हमेशा से ऐसा ही रहा है।

केंद्रीय बजट के संदर्भ में जब प्रश्न पूछे गए तो 33 प्रतिशत लोगों ने उसकी सराहना की वही 30 प्रतिशत लोगों ने बताया कि बजट समय रहते नहीं आया और बजट को कम भी बताया गया। वही इसके विपरीत 24 प्रतिशत लोगों ने बजट को चुनाव दाव बताया है।

टाइम्स नाउ और वीएमआर द्वारा किया गया यह सर्वेक्षण 690 जगहों पर किया गया जिसमें कुल 14431 मतदाताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।