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पबजी के कारण हैदराबाद में आत्महत्या, बढ़ती घटनाओं के साथ उठ रही प्रतिबंध की मांग

ऑनलाइन पबजी गेम की लोकप्रियता बढ़ने के बीच भारत में इसपर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठने लगी है। इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के अनुसार, पबजी के शौकीनों के बीच लगातार बढ़ती घातक घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए देश इसे प्रतिबंधित करने की मांग कर रहा है।

हाल ही में हैदराबाद की घटना ने देश को सोचने पर मजबूर कर दिया था। दरअसल, शहर के मालकाजगिरी में एक 16 वर्षीय लड़के को उसकी मां ने परीक्षा की तैयारी के बीच पबजी खेलने को लेकर फटकार दिया था। इस बात से नाराज़ होकर उसने आत्महत्या कर ली।

इससे पहले प्रधानमंत्री के सामने भी एक मां ने अपने बेटे के हद से ज्यादा पबजी गेम खेलने को लेकर सवाल किया था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोर्ड परीक्षा से पहले अभिभावकों और छात्रों से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक मां ने अपने बेटे के पढ़ाई में मन न लगने और पबजी खेलने पर सवाल पूछा, जिसके जवाब में पीएम ने कहा था, “ये पबजी वाला है क्या”।

इस गेम को लेकर युवा ज्यादा जुनूनी हो रहे हैं। यही जुनून उनके पढ़ाई और करियर के बीच बाधा बन रहा है। पबजी खेलने वालों के साथ बढ़ती घटनाओं को देखकर एक्सपर्ट्स ने इस गेम के घातक परिणाम बताने शुरू कर दिए हैं। इससे पहले महाराष्ट्र में रेलवे ट्रैक पर दो लोग पबजी खेलते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गए थे।

गुजरात के कुछ शहरों ने इस खेल पर चिंता जाहिर करते हुए प्रतिबंध लगा दिया है। उनका तर्क है कि यह गेम खेलने वालों को पढ़ाई से दूर कर रहा । साथ ही उन्हें हिंसक और विचलित बना रहा है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर राज्यभर में 12 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

चीन ने पबजी पर निर्णय लिया कि 13 साल से कम उम्र के बच्चे पबजी नहीं खेल सकते हैं। भारत में भी कई लोगों का कहना है कि इस तरह का घातक खेल प्रतिबंध की कानूनी चुनौती से बच नहीं सकता है।