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बरेली में कोरोना को ताक पर रख नरसिंहानंद व रिज़वी की धार्मिक टिप्पणियों पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में बरेली की सड़कों पर शुक्रवार (9 अप्रैल) को कोविड के दिशा-निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाते हुए महंत नरसिंहानंद सरस्वती और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी के खिलाफ जिले और आसपास के क्षेत्रों से मुस्लिम समुदाय की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयान को लेकर महंत के खिलाफ नारेबाजी हुई और तख्तियाँ लेकर उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन जमात रजा मुस्तफा की अगुआई में हुआ। इसके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हसन खां कादरी ने कहा, “पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ महंत ने गलत बातें कहकर करोड़ों मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। हम यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

उन्होंने कहा, “मुसलमानों ने इस प्रदर्शन के माध्यम से दिखा दिया है कि हम शांत नहीं बैठने वाले हैं। पहले वसीम रिजवी और अब महंत की वजह से देश में माहौल बिगाड़ने का काम किया जा रहा है।”

इससे पूर्व, बरेली की कई मस्जिदों से जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद इस्लामियां मैदान पर लोग एकत्रित होने लगे। वहीं, दरगाह अली हज़रत से पैदल मार्च करते हुए भीड़ इस्लामियां मैदान पर भी पहुँची। वहाँ से भारी भीड़ ने राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन एसएसपी और एडीएम को सौंपा। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।