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दो पीएसबी और एक सामान्य बीमाकर्ता का निजीकरण इस वित्तीय वर्ष संभव नहीं- रिपोर्ट

केंद्रीय बजट 2021 में जैसा उल्लेख किया गया है, उसके अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और एक सामान्य बीमाकर्ता के निजीकरण को पूरा करने की संभावना नहीं है।

मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अब वित्त वर्ष 2022-23 में तीन संस्थाओं के निजीकरण पर विचार कर रही है। इसे सरकार का नया नीति क्षेत्र बताया जा रहा है।

रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया, “यह प्रक्रिया राज्य के स्वामित्व वाली वित्तीय कंपनियों के निजीकरण, नीति के मामले में एक नया क्षेत्र और बैंक राष्ट्रीयकरण को पलटने के बारे में है। साथ ही वित्त मंत्री ने वादा किया कि निजीकरण से किसी की नौकरी नहीं जाएगी। ऐसे में इसकी रूपरेखा तैयार करने और खरीदार ढूंढने में समय लगेगा।”

बैंकों और बीमाकर्ता के नाम का निजीकरण पहले कैबिनेट सचिव के नेतृत्व वाली समिति द्वारा किया जाएगा। फिर मंत्रियों के एक अधिकार प्राप्त समूह के पास जाएगा। अंत में यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अनुमति लेगा।

इसके पश्चात निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) कानूनी और लेन-देन सलाहकार नियुक्त करेगा। चुने हुए सलाहकार उपयुक्त खरीदारों को ढूंढने में सरकार की सहायता करेंगे।

इसके अतिरिक्त, बैंकिंग विनियमन अधिनियम के साथ बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम 1970 और 1980 में विधायी संशोधन करना होगा।