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गांधी पुरस्कार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज (26 फरवरी को) राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में वर्ष 2015, 2016, 2017 और 2018 के लिए गांधी शांति पुरस्कार दिया।

आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री ने गांधीवादी सिद्धांतों पर ज़ोर डाला और स्वछता को बनाए रखने के महत्त्व पर भी ज़ोर दिया।

1995 से महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित वार्षिक पुरस्कार व्यक्ति

यों और संस्थानों को अहिंसा और गांधीवादी सिद्धांत के पालन के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन के लिए उनके योगदान की मान्यता के लिए दिया जाता है।

संस्कृति मंत्रालय ने 16 जनवरी को गांधी शांति पुरस्कार के 2015, 2016, 2017 और 2018 संस्करण के लिए प्राप्तकर्ताओं की घोषणा की थी।

पुरस्कार के लिए जूरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ सांसद एल आडवाणी शामिल थे।

विजेताओं का चयन सर्वसम्मति से 16 जनवरी को विस्तृत चर्चा के आधार पर किया गया।

कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद केंद्र को ग्रामीण विकास, शिक्षा और प्राकृतिक संसाधन विकास में योगदान के लिए वर्ष 2015 के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पूरे भारत में लाखों बच्चों को मध्याह्न भोजन प्रदान करने के योगदान के लिए अक्षय पात्र संस्थान को स्वच्छता में सुधार लाने और सफाई कर्मचारियों की ज़िन्दगी को बेहतर बनाने के प्रयासों के लिए सुलभ इंटरनेशनल के साथ संयुक्त रूप से 2016 का पुरस्कार दिया गया है।

पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के लिए अक्षय पात्र की प्रशंसा की गई है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक बच्चे स्कूल जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का श्रेय सुलभ इंटरनेशनल को दिया गया है।

ग्रामीण सशक्तिकरण, लिंग और सामाजिक समानता के लिए काम करने के अलावा, दूरदराज के क्षेत्रों में आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए वर्ष 2017 का पुरस्कार एकल अभियान ट्रस्ट को प्रदान किया गया है।

कुष्ठ उन्मूलन के उनके प्रयासों के लिए 2018 का पुरस्कार योही ससाकावा को  दिया गया है। उन्हें लाखों लोगों को प्रेरित करने और विभिन्न परोपकारी पहल में शामिल होने का श्रेय भी दिया गया है।

प्राप्तकर्ताओं को एक प्रशस्ति पत्र, एक पट्टिका, एक हस्तकला स्मृति चिन्ह और 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार मिला है।