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राष्ट्रपति ने किए सीएबी पर हस्ताक्षर, पिनाराई विजयन बोले- “विधेयक स्वीकार नहीं”

पूर्वोत्तर विशेषकर असम में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों और घटनाओं के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर गुरुवार देर रात हस्ताक्षर कर इसे अपनी मंजूरी दे दी। उधर, असम में गुरुवार को दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और केरल के मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को मानने से इनकार कर दिया है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विधेयक पर हस्ताक्षर करते ही नागरिकता कानून 1955 में संबंधित संशोधन हो गया है। इससे तीन पड़ोसी इस्लामी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत की शरण में आए गैर-मुस्लिमों को आसानी से नागरिकता मिल सकेगी।

विधेयक के पास होन के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिति तनावपूर्ण है। गुवाहाटी में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। अपर मुख्य सचिव कुमार संजय मिश्रा ने बताया, “10 जिलों (लखीमपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, डिब्रूगढ़, कारेडियो, सिवसागर, जोरहाट, गोलाहाट, कामरुप) में मोबाइल सेवाएँ बंद करने की समय सीमा 48 घंटे और बढ़ा दी गई है।”

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने घोषणा की है कि उनकी कम्युनिस्ट राज्य सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को स्वीकार नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “केरल नागरिकता संशोधन विधेयक को स्वीकार नहीं करेगा। सीएबी असंवैधानिक है। केंद्र सरकार भारत को धार्मिक तर्ज पर विभाजित करने की कोशिश कर रही है। यह समानता और धर्मनिरपेक्षता की तोड़फोड़ करने की एक चाल है।”

इससे पूर्व, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि जब तक उनकी पार्टी सत्ता में है, तब तक सीएबी और एनआरसी के कार्यान्वयन की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीएबी और एनआरसी दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।