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निर्भया कांड के आरोपी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने की खारिज, फांसी लगभग तय

दिसंबर-2012 में निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले के चार आरोपियों में से एक मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी की फांसी की सजा लगभग तय है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले गृह मंत्रालय (एमएचए) ने दया याचिका राष्ट्रपति को खारिज करने की सिफारिश के साथ भेजी थी। इसकी समीक्षा के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से काफी लंबी बातचीत चली। राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय को अपने फैसले के साथ मुकेश की फाइल वापस भेज दी। अब मुकेश और तिहाड़ जेल के अधिकारियों को राष्ट्रपति का निर्णय सुनाया जाएगा।

दिल्ली सरकार द्वारा गुरुवार को मुकेश की याचिका खारिज करने के बाद एमएचए को याचिका मिली और उसने उपराज्यपाल बैजल के कार्यालय में फाइल भेज दी। उसमें याचिका खारिज करने का अनुरोध किया गया था।

दिल्ली के एक न्यायालय ने गुरुवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों को निर्भया मामले में चार मौत के दोषियों में से एक मुकेश की दया याचिका के लंबित होने के बारे में एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने जेल अधिकारियों से मुकेश की दया याचिका और निष्पादन की तारीख को स्थगित करने के संबंध में की गई कार्रवाई को बताते हुए दिल्ली जेल नियम की धारा 840 के तहत एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। हालाँकि, जज ने फांसी की तारीख बदलने से इनकार कर दिया था।

इससे पहले, दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार दोषियों के खिलाफ जारी मौत के वॉरंट में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।