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डोनाल्ड ट्रंप का पीएलए के नियंत्रण वाली चीनी कंपनियों में अमेरिकी निवेश पर प्रतिबंध

व्हाइट हाउस से जाने से पूर्व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ बड़ा निर्णय लिया है। ट्रंप प्रशासन ने कार्यकारी आदेश जारी करते हुए चीनी कंपनियों में अमेरिकी निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश पर गुरुवार (12 नवंबर) को हस्ताक्षर किए थे। यह आदेश 31 चीनी कंपनियों पर लागू है।

आदेश के मुताबिक, ऐसी चीनी कंपनियों में अमेरिका द्वारा निवेश नहीं किया जाएगा, जो किसी भी रूप में चीनी सेना पीएलए से जुड़ी हैं। यह कदम अमेरिकी निवेश फर्म, पेंशन फंड और अन्य को उन 31 चीनी कंपनियों के शेयर खरीदने से रोकने के लिए उठाया गया है, जिन्हें रक्षा विभाग ने चीनी सेना समर्थित कंपनियाँ माना है।

कहा गया है कि चीन संसाधन हासिल करने के लिए अमेरिकी पूंजी का तेजी से दोहन कर रहा है। वह अपनी सेना, खुफिया सेवा व अन्य सुरक्षा जरूरतों का विकास और आधुनिकीकरण कर रहा है। इससे अमेरिकी सेना को सीधे चुनौती दी जा सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित कंपनियों में स्मार्टफोन निर्माता हुआवे और वीडियो निगरानी उपकरण बनाने वाली कंपनी हिकविजन शामिल हैं। इसके अलावा, सूची में चाइना टेलीकॉम और चाइना मोबाइल भी हैं, जो न्यूयॉर्क शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं।

माना जा रहा कि डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से चीन को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। यह आदेश अगले वर्ष 11 जनवरी से प्रभावी होगा। इसके बाद अमेरिकी निवेशक सूचीबद्ध चीनी कंपनियों में निवेश नहीं कर पाएँगे।