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हथिनी की मौत- अब्दुल करीम और बेटे रियासुद्दीन की पहचान मुख्य अभियुक्त के रूप में

केरल में गर्भवती हथिनी की मौत के मामले की जाँच कर रही टीम ने मुख्य आरोपी के रूप में अब्दुल करीम और बेटे रियासुद्दीन को मुख्य आरोपी के रूप में पहचाना है। इसकी पुष्टि मलयालम टीवी चैनल जन्मभूमि ने की है।

इससे पूर्व, केरल पुलिस ने हथिनी की मौत के मामले में एक मजदूर किसान विल्सन को गिरफ्तार किया था। आरोपी मूल रूप से मलप्पुरम जिले का निवासी था और रबर की खेती का काम करता था।

जाँच टीम विल्सन को साक्ष्य संग्रह के लिए उठाकर ले गई थी, जहाँ विस्फोटक तैयार किया गया था। इस दौरान शेड से विस्फोटक के अवशेष पाए गए थे। विल्सन को उस वन क्षेत्र में भी ले जाया जाएगा, जहाँ विस्फोटक जमा किया गया था।

15 वर्षीय गर्भवती हथिनी के शव को बाहर निकालने वाले पशु चिकित्सकों के अनुसार, उसे पटाखों के साथ एक अनानास खिलाया गया था, जो उसके अंदर फट गया था। इस वजह से वह कई दिन दर्द से कराहती रही थी। वह मृत्यु होने तक नदी में खड़ी रही। मुँह के अंदर हुए पटाखे के विस्फोट ने उसके ऊपरी, निचले जबड़े और जीभ को बुरी तरह ज़ख्मी कर दिया था। चिकित्सकों का कहना है कि हत्यारों ने पहले उसका पीछा करने की कोशिश की होगी क्योंकि वह कृषि भूमि और वन क्षेत्र में भटक गई थी। उसके बाद उसे विस्फोटक खिलाया गया था।

वन अधिकारियों के अनुसार घायल हथिनी को स्थानीय लोगों ने 23 मई को एक नदी के पास देखा था। दो दिन बाद एक हथिनी विशेषज्ञ ने चिकित्सा मूल्याँकन के बाद कहा कि जानवर के लिए ऐसी चीजें होना खराब है। दो दिन बाद किए गए पोस्टमार्टम से पता चला है कि हथिनी दो महीने की गर्भवती थी। विशेषज्ञों ने बताया कि यह उसकी पहली गर्भावस्था थी।