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प्रज्ञा ठाकुर ने कंगना रनौत के समर्थन में कहा, “मुंबई पुलिस ने किए थे मुझपर अत्याचार”

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने शुक्रवार (11 सितंबर) को आरोप लगाया कि मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने हिरासत के दौरान उन पर अत्याचार किए थे। उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत का समर्थन किया और कहा कि वे कांग्रेस द्वारा पीड़ित थीं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रज्ञा ठाकुर और उमा भारती ने कंगना का बचाव करते हुए उनके कार्यालय पर बीएमसी द्वारा हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को कांग्रेस का प्रायोजित राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

प्रज्ञा ठाकुर ने कंगना के खिलाफ मामला दर्ज करने पर मुंबई पुलिस आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अब मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुझ पर कैसे अत्याचार किए थे। मैं कह सकती हूँ कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे नहीं हैं।”

प्रज्ञा ने कई बार मुंबई पुलिस पर अशोक चक्र विजेता और शहीद हेमंत करकरे समेत कई लोगों को हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कंगना के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार द्वारा कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई थी।” उन्होंने शिवसेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे की प्रशंसा की और कहा कि उनके संघर्ष के दौरान उन्होंने उनकी बहुत मदद की थी।”

उमा भारती ने भी कंगना के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की और इसे दुर्भावनापूर्ण करार दिया। उन्होंने टीकमगढ़ में संवाददाताओं से कहा, “कंगना के घर में तोड़फोड़ विशुद्ध रूप से राजनीतिक कार्रवाई है। यदि अनुमति के बिना कोई अतिक्रमण या भवन था तो उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए, ना कि राजनीतिक इशारों पर। राजनीतिक कारणों से किसी के घर में तोड़फोड़ करना निंदनीय है। इस समय कार्रवाई का मतलब है कि यह जानबूझकर राजनीतिक प्रतिशोध में कंगना का मनोबल गिराने के लिए किया गया था।”