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“चीन और पाकिस्तान से नहीं होगा विद्युत उपकरणों का आयात”- मंत्री आरके सिंह

विद्युत मंत्री ने शुक्रवार को कहा, “भारत अब चीन जैसे देशों से विद्युत उपकरणों का आयात नहीं करेगा। वितरण कंपनियों को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाना जरूरी है।”

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान बिजली मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा, “पूर्व संदर्भित देशों से उपकरणों की आयात की अनुमति नहीं होगी। हम इन देशों की सूची तैयार कर रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान हैं। ये वो देश हैं, जिनसे भारत को खतरा है या खतरे की आशंका है।”

उन्होंने बताया, “काफी कुछ हमारे देश में बनता है। उसके बावजूद हम भारी मात्रा में विद्युत उपकरणों का आयात कर रहे हैं। अब ऐसा नहीं होगा। देश में 2018-19 में 71,000 करोड़ रुपये के विद्युत उपकरणों का आयात हुआ। इसमें चीन की हिस्सेदारी 21,000 करोड़ रुपये है।”

आरके सिंह ने आगे कहा, “दूसरे देशों से भी उपकरण आयात होंगे। उनका देश की प्रयोगशालाओं में परीक्षण होगा, ताकि यह पता लग सके कि कहीं उसमें मालवेयर और ट्रोजन होर्स का उपयोग तो नहीं हुआ है। उसी के बाद उनके उपयोग की अनुमति होगी।”

चर्चा थी कि संशोधित विधेयक के जरिये केंद्र राज्यों के अधिकारों को छीनना चाहती है। इस पर आरके सिंह ने स्पष्ट किया कि केंद्र का ऐसा इरादा नहीं है। मंत्रालय दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना, एकीकृत बजली विकास योजना (आईपीडीएस) और उदय को मिलाकर नई योजना ला रहा है।इसमें राज्य जितना चाहेंगे, उन्हें अनुदान और ऋण के रूप में पैसा मिलेगा लेकिन उन्हें विद्युत के क्षेत्र में जरूरी सुधार करने होंगे, ताकि वितरण कंपनियों की स्थिति मजबूत हो सके।