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केंद्र सरकार ने बदली नीति, कोविड रिपोर्ट ही अस्पताल में भर्ती होने के लिए मान्य नहीं

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कोरोना रोगियों की कोविड अस्पतालों में भर्ती को लेकर राष्ट्रीय नीति में शनिवार (8 मई) को संशोधन किया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस मरीज केंद्र मूल्यांकन का उद्देश्य संक्रमण से पीड़ित मरीजों का तुरंत, प्रभावी और व्यापक उपचार सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा,

“केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन अस्पताल, निजी अस्पताल (केंद्र और राज्य क्षेत्रों में) कोविड मरीजों का प्रबंधन इस तरह सुनिश्चित करेंगे कि संक्रमण से ग्रसित हर व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा। कोविड के संदिग्ध मरीजों को उनके मामले की गंभीरता के मुताबिक कोविड देखभाल केंद्र (सीसीसी), समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र (डीसीएचसी) या समर्पित कोविड अस्पताल (डीएचसी) में भर्ती कराया जाएगा।”

किसी भी मरीज को किसी भी वजह से सेवाएँ देने से मना नहीं किया जाएगा। इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएँ आदि शामिल हैं। फिर चाहे मरीज़ किसी दूसरे शहर से ही क्यों न हो।

बयान में कहा गया कि किसी भी मरीज को उस शहर में, जहाँ अस्पताल स्थित है, वैध पहचान पत्र न उपलब्ध करा पाने में सक्षम न होने पर प्रवेश देने से मना नहीं किया जा सकेगा।

मंत्रालय ने आगे कहा कि अस्पताल में प्रवेश आवश्यकता के आधार पर होना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बेड उन व्यक्तियों के कब्जे में नहीं रहें, जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है।